जीवन का आनंदमय दौर।
जीवन का आनंदमय दौर।
यारों हम सभी को यह जीवन अनमोल उपहार मिला,
यारों हम सभी का जीवन एक हिंडोले की तरह सदा।
यारों तो जीवन के आनंदमय दौर का है लुत्फ़ उठाना,
कर्म करते हुए जीवन चक्र के घूमने का लुत्फ़ उठाना।
हम सभी के जीवन में कभी धूप तो कभी छाँव होती,
हम सभी के जीवन में कभी ख़ुशी तो कभी ग़म भी।
हम सभी का जीवन वो चक्र जो चारों तरफ़ घूमता,
हम सभी का जीवन हमारे कर्मों पर निर्भर करता।
यदि जीवन में कर्म अच्छे तो अंतिम बिंदु आता है,
यदि जीवन में कर्म बुरे हैं तो वो भी लौट आता है।
जीवन में अच्छे या बुरे कर्म का फल ज़रूर मिलता,
यह सब नियति है तो कभी ना कभी तो ज़रूर मिलता।
