Pritam Khaple
Inspirational Others
हवस ये जीत कि पा ली है ख़ुद में अब,
बहुत देख लिए ख़्वाब अकेले में
उन्हें मुकम्मल कर बेआबरू करना है अब।
Ishq
इक नज़्म लिखी...
जीत
जीवन
वजीर
इंक़लाब
मैं कैसे कहूँ पराई तूम मैं कैसे कहूँ पराई तूम
अपने आत्मा को परमात्मा की गोद में सुलाने आई हूँ अपने आत्मा को परमात्मा की गोद में सुलाने आई हूँ
न कभी धैर्य खोना न कभी धैर्य खोना
ये ऊगा हुआ दिनकर इसे तो डूब जाना ही है ये ऊगा हुआ दिनकर इसे तो डूब जाना ही है
जीवन में किसे पता कल तुम हो कि नहीं जीवन में किसे पता कल तुम हो कि नहीं
आखिर क्यूँ आखिर क्यूँ
सच्चे दिल इंसान सहेंगे सच्चे दिल इंसान सहेंगे
अब तेरे आंसुओं की कीमत वसूलने की घड़ी है। अब तेरे आंसुओं की कीमत वसूलने की घड़ी है।
मृत्यु के सवाल पर इंसान मौन मृत्यु के सवाल पर इंसान मौन
चेहरा भी तो नहीं देखा मेरा चेहरा भी तो नहीं देखा मेरा
शब्द धर्म है, शब्द ही है विज्ञान, शब्द ख़ुदा हैं, शब्द ही हैं श्रीराम। शब्द धर्म है, शब्द ही है विज्ञान, शब्द ख़ुदा हैं, शब्द ही हैं श्रीराम।
सारी वसुधा होगी अपना कुटुंब, सारा विश्व प्यारा होगा। सारी वसुधा होगी अपना कुटुंब, सारा विश्व प्यारा होगा।
नारी ही जननी है इस संसार की नारी ही जननी है इस संसार की
व्यर्थ कभी मत समय बिताओ व्यर्थ कभी मत समय बिताओ
केवल भ्रम है आत्म मुग्धता है कलयुग की एक माया मात्र है। केवल भ्रम है आत्म मुग्धता है कलयुग की एक माया मात्र है।
अपनी कीमत तुम पहचानो तेरी धरती तेरा ये जग फिर क्यों हो ये अग्निपरीक्षा अपनी कीमत तुम पहचानो तेरी धरती तेरा ये जग फिर क्यों हो ये अग्निपरीक्षा
सुधैव कुटुम्ब की सदा, हो हृदय में भावना सुधैव कुटुम्ब की सदा, हो हृदय में भावना
हमें जन्म कौन देगा हमें जन्म कौन देगा
नर को नारायण मान सकें कुछ ऐसा कोई काम करो। नर को नारायण मान सकें कुछ ऐसा कोई काम करो।
किसी का सच बताना किसी को अब वास्तविक नहीं लगता कठपुतली। किसी का सच बताना किसी को अब वास्तविक नहीं लगता कठपुतली।