जी ले जी भर के
जी ले जी भर के
जी भर के कर प्यार उसे,
जिसे तु चाहता है
खुल के जीने में भाई,
तेरा क्या जाता है,
कर ले पार वो हदें,
जिनमें बंधा है अब तक
भर लें जोश सीऩे में,
खुद बन जा अपनी ताकत,
ना कर परवाह,
ना कर फिकर
क्या अपनों में आज तक
"हुआ तेरा जि़क्र ?"
तु भी ताज़ी हवा में सांस ले
प्रीत की डोर से बांध ले,
खिलती धरा, उन्मुक्त गगन
क्षितिज भी अब तेरा है,
भर इंद्रधनुष में अपने रंग,
ये चित्र सारा तेरा है।
