Priyanka Mudgil
Romance Classics Inspirational
इश्क वो है
जो प्रिय को खुश देखकर,
तकलीफ में भी मुस्कुरा उठे !
जो प्रिय की एक आह से
दिल ही दिल में कराह उठे !
एक- दूजे के लिए मर जाना
नहीं है इश्क
जिंदा रहकर हरपल,
हर कदम साथ निभाने
का नाम है इश्क !
चमक
इश्क
खुद को तलाशती...
तेरा रात को यूं सपनो में आना, आके हल्का सा सहला जाना , ये प्यार नही तो क्या है? तेरा रात को यूं सपनो में आना, आके हल्का सा सहला जाना , ये प्यार नही तो क्य...
बहुत सी बातें हमको करनी है , बस रात जरा होने दो ! बहुत सी बातें हमको करनी है , बस रात जरा होने दो !
तेरे इस लुका छुपी में ऐ चाँद, कहीं मैं न हो जाऊँ बदनाम। तेरे इस लुका छुपी में ऐ चाँद, कहीं मैं न हो जाऊँ बदनाम।
प्रियतम मुझ में रहो समाये आत्मा मिलन की रात है। प्रियतम मुझ में रहो समाये आत्मा मिलन की रात है।
इस कशमकश में बीत रही हे ये जिंदगी न जाने काहा ले जाए ये बंदगी। इस कशमकश में बीत रही हे ये जिंदगी न जाने काहा ले जाए ये बंदगी।
अकेले अब क्या वज़ूद मेरा तुम्हारा, हाँ मैंं तुम्हारी हमराज़ हूँ। अकेले अब क्या वज़ूद मेरा तुम्हारा, हाँ मैंं तुम्हारी हमराज़ हूँ।
कुछ बातें तुमसे सुनते हैं, और कुछ अपना सुनाते हैं। कुछ बातें तुमसे सुनते हैं, और कुछ अपना सुनाते हैं।
नयन में तू ही है, सपने में तू ही है, पर दूर है यार, कैसे करूं मैं प्यार ।। नयन में तू ही है, सपने में तू ही है, पर दूर है यार, कैसे करूं मैं प्यार...
चाहे नफरत ही करो तुम, एक ख्वाब लिए डोली चढ़ी थी मैं ! चाहे नफरत ही करो तुम, एक ख्वाब लिए डोली चढ़ी थी मैं !
कुछ बेशकीमती पल जो हमने साथ बिताएं थे बस इतना ही। कुछ बेशकीमती पल जो हमने साथ बिताएं थे बस इतना ही।
इस जन्म में जुदाई है तो अगले जन्म में साथ निभाएंगे। इस जन्म में जुदाई है तो अगले जन्म में साथ निभाएंगे।
मुझे क्या फिक्र ज़िन्दगी की जिसे रब राखा रब राखा। मुझे क्या फिक्र ज़िन्दगी की जिसे रब राखा रब राखा।
याद उनको आज फिर से करना तो बस एक बहाना था! याद उनको आज फिर से करना तो बस एक बहाना था!
मेरी मोहब्बत को तुम कागज़ों में ढूँढते रहे, नज़रें उठा के देखा न कभी। मेरी मोहब्बत को तुम कागज़ों में ढूँढते रहे, नज़रें उठा के देखा न कभी।
उन स्मृतियों को फिर से संवरने की चाह तुमसे, संवारने तुम ना आओगी क्या? उन स्मृतियों को फिर से संवरने की चाह तुमसे, संवारने तुम ना आओगी क्या?
बड़े ही चैन से फिर सो जाया करते हैं। बड़े ही चैन से फिर सो जाया करते हैं।
उसी मुस्कराहट से दरवाज़े पर हर रोज़ इंतजार करना है मुझे। उसी मुस्कराहट से दरवाज़े पर हर रोज़ इंतजार करना है मुझे।
कुछ सतरंगी पल दामन में अभी भी बंधे हुए हैं! कुछ सतरंगी पल दामन में अभी भी बंधे हुए हैं!
काश ! कुछ पल और मिल जाते फिर इस रिश्ते को खूब सजाते ! काश ! कुछ पल और मिल जाते फिर इस रिश्ते को खूब सजाते !
जो तुम लड़खड़ाए तो मैं संभाल लूँगी... मैं जो डगमगाऊं तो तुम थाम लेना। जो तुम लड़खड़ाए तो मैं संभाल लूँगी... मैं जो डगमगाऊं तो तुम थाम लेना।