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Nikita Naresh

Abstract Romance Fantasy

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Nikita Naresh

Abstract Romance Fantasy

इश्क

इश्क

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प्यार हो ऐसा कि यकीन के बिना ना हो पूरा

जज़्बात ऐसे हो कि इज़हार के बिना रहे अधूरा

यकीनन आप क़िस्मत हो मेरी

आप के बिना जिंदगी है अधूरा दिल है कहता


हमारे कर्म होंगे कुछ इतने खूब

कि मिले हो आप हमें तकदीर के रूप में

आपसे इश्क करके हो गई है खटा

क़ुबूल है हमें दुनिया की हर सज़ा


ना जाने क्या है आप मैं ऐसा जादू

आपके पास एते ही हो जाता है बेकाबू

अँधेरे सी जिंदगी मैं रोशनी बन कर

बेरंग सी ख्वाहिशों में रंग बन कर


बेगाने सपनों में हकीकत बन कर

कैसे शुक्रियादा करु खुदा का

कि आप मिले हो हमने दुआ बन कर

हमसे इश्क लड़ाना है आसान नहीं


हम हैं थोड़ी दुनिया से बेखबर और अंजान

हम हैं जरा पागल दीवाने से

आपको ही संभालना पड़ेगा हमें नज़ाकत से

है नहीं हमें जुदा होने का तजुर्बा


दूर होने के ख्याल से दिल है बहुत डरता

हौले हौले करेंगे दिल की बात

बहेंगे हम हमारे जज्बात

वादा है आपसे ना छोड़ेंगे आपका साथ

आपसे यूं ही मोहब्बत करेंगे दिन हो या रात।


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