इश्क में इजा़फा
इश्क में इजा़फा
हर सुबह मेरे इश्क में इज़ाफ़ा करती है
कुछ इस तरह तेरी यादें
मेरी रातों को मुक्कमल करती है।
हर सुबह मेरे इश्क में इज़ाफ़ा करती है
कुछ इस तरह तेरी यादें
मेरी रातों को मुक्कमल करती है।