इस बार नये साल पर
इस बार नये साल पर
नये साल पर
इस बार
मुझे कोई बड़ा संकल्प नहीं लेना है
यह साल ठीक प्रकार से
सामान्य तरीके से
भली भांति गुजर जाये
बस इतना ही काफी है
इस बार तो यही संकल्प है कि
मैं अपने दुख भरे अतीत को
भुलाकर
एक सामान्य जीवन शैली को
अपना पाऊं
जीवन को बहुत अधिक गंभीरता से
न लूं
इसे एक सामान्य जनमानस
की तरह ही बिता पाऊं
मैं एक लेखिका हूं
सबसे अधिक प्रसन्नता मुझे
लेखन कार्य करके ही मिलती है तो
इसमें और सुधार लाऊं
गुणवत्ता ला पाऊं
और बेहतर लिख पाऊं
घर को साफ करके
अपने रहने योग्य और
एक फूलों से महकती बगिया सा
बना पाऊं
अपने स्वास्थ्य के प्रति और
जागरूक बनूं
समाज से जो थोड़ा कट गई थी
अपनी निजी परिस्थितियों के कारण तो
उनसे दोबारा जुड़ूं
अपने को धीरे धीरे पुनर्जीवित
करूं
पुनर्जागृत करूं
पुनर्स्थापित करूं
लोगों से अपेक्षाएं कम करूं
जो कुछ जिससे मिल रहा
उसे ही बस सहर्ष स्वीकार करूं
मैं ही एक नई शुरुआत
करूं
पहल करूं
आगाज करूं
घर से निकलूं
जिससे मिलना है
उससे मिल आऊं
उसके बुलावे या अपने घर
पहले आने का न इंतजार करूं
जहां रहती हूं वहां से बाहर कहीं
निकलूं
स्थान बदलूं
जगह बदलूं
दृश्य बदलूं
लोग बदलूं तो
मन बदलूं
जीवन चलने का नाम है
रुकने का नहीं
यह अपने मन के रुके हुए दरिया
से कहूं और
नये साल पर इसी संकल्प के
साथ
आगे की राह पकडूं
खुद को प्रेरित करूं
खुद कदम बढ़ाऊं
खुद चलूं
खुद बहना शुरू करूं।
