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Vimla Jain

Tragedy Action

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Vimla Jain

Tragedy Action

ईंपॉसिबल से पॉसिबल शादी

ईंपॉसिबल से पॉसिबल शादी

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प्रेम, एक ऐसा एहसास है जो दिलों को जोड़ता है और आत्माओं को संजीवनी देता है। परंतु जब यह प्रेम समाज के बंधनों से जूझता है, तब इसे 'इंपॉसिबल लव' का नाम दिया जाता है। समाज के नियम और परंपराएं अक्सर दिलों की सच्चाई को नकार देती हैं, जिससे प्रेम कहानियां अधूरी रह जाती हैं।


इस पर चंद लाइनें 

इंपॉसिबल लव होता है

 जब घर वाले राजी ना हो,

सामने वाला पात्र लायक ना हो‌

प्रेम नहीं महज आकर्षक हो।

किसी गलत के चंगुल में लड़का/ लड़की फंसे हो।

और उस बात की भनक मां-बाप को लग जाए।

अपने बच्चों को आने वाले परेशानी से बचने के लिए। मां-बाप उस लव को इंपॉसिबल कर ही देते हैं।

जहां वह पॉसिबल नहीं हो। दोनों की आर्थिक स्थिति में समानता ना हो।

जब घर के बच्चे घर के नौकर/बाई के आकर्षण में आकर प्यार कर बैठे हैं।

तो वह भी मां-बाप को गवारा नहीं होता है और सही भी है। इसीलिए वह लव इंपॉसिबल हो जाता है।

दोनों से एक परिवार की प्रतिष्ठा बहुत खराब हो।

लड़का /लड़की)गुंडा मवाली चरित्रहीन हो।

तो मां-बाप को भी पूरा हक है उसे लव को इंपॉसिबल बनाने का।

हां अगर वही सामने पात्र वाला सही हो।

दोनों की पढ़ाई और आत्मनिर्भरता समान हो।

दोनों एक दूसरे से तुलनात्मक बराबर हो तो वह लव इंपॉसिबल होता है घरवालों की तरफ से।

 मगर बच्चे कर देते हैं उसको पॉसिबल अपनी तरफ से ।

इसमें कोई बुराई भी नहीं।

क्या ख्याल है आपका इस बारे में मेरा तो यह मानना है कि

अगर जीवनसाथी बराबर चुनना हो एक दूसरे के तुलनात्मक रूप से बराबर हो तो

उसे लव को पॉसिबल करने में कोई बुराई नहीं।

हमने तो यही किया है।

 और समाज में हमने एक मिसाल भी कायम किया है।



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