STORYMIRROR

Sanjog Shenvi Nadkarni

Romance

3  

Sanjog Shenvi Nadkarni

Romance

हर वो लम्हा खास था

हर वो लम्हा खास था

1 min
249

हर वो लम्हा खास था

जब हाथों में तेरा हाथ था,

पास था कुछ खास था वो पल

जब तेरा साथ था,

चाहा तुझे था कुछ इस तरह की

बस हर पल तेरा ही ख्वाब था,

क्या खता हुई हमसे

की तेरे करीब होकर भी,

तेरा साथ ना था

अब हर पल बस यही है गम

की क्यों कोई इतना खास था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Sanjog Shenvi Nadkarni

Similar hindi poem from Romance