हर वो लम्हा खास था
हर वो लम्हा खास था
हर वो लम्हा खास था
जब हाथों में तेरा हाथ था,
पास था कुछ खास था वो पल
जब तेरा साथ था,
चाहा तुझे था कुछ इस तरह की
बस हर पल तेरा ही ख्वाब था,
क्या खता हुई हमसे
की तेरे करीब होकर भी,
तेरा साथ ना था
अब हर पल बस यही है गम
की क्यों कोई इतना खास था।

