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Ervivek kumar Maurya

Abstract

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Ervivek kumar Maurya

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होली खेलो

होली खेलो

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भीगा भीगा तन है

भीगा भीगा मन है

होली का ये दिन है

होली खेलो ,होली खेलो

खुद को है रंगा

सबको है रंगा

लिया है प्यारा पंगा-२

होली खेलो ,होली खेलो

होली का ये दिन है

पकवानों की खुशबू 

रंगों की खुशबू

बहारों में है छाई

होली की सबको है बधाई

होली खेलो,होली खेलो

होली का ये दिन है

लाल,पीला ,नीला,गुलाबी

गुलाल होता है रंगीला

आसमां भी हो गया है रंगीला

मद्दम सी हवा भी बोले होली आई

होली खेलो,होली खेलो

होली का ये दिन है



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