STORYMIRROR

Rishabh Tomar

Abstract

3  

Rishabh Tomar

Abstract

होली अबकी बार

होली अबकी बार

1 min
250

रंगों के मौसम इस छाये मन मे हर्ष अपार

लाली गुलाबी नीले पीले रंग की हो बौछार


दिल से भेद मिटाके अब फैलाये हम प्यार

और गले से लगा मनाये होली अबकी बार।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract