STORYMIRROR

Shailaja Bhattad

Abstract

4  

Shailaja Bhattad

Abstract

होली -3

होली -3

1 min
417

पूनम के चांद को रंगता,

 रंगों से रंगा आकाश है।

अपनों से मिलने से जीवन में 

आ रहा प्रकाश है।


बधाई हो होली आई है 

फूलों की महक हर ओर छाई है। 

 नई फसल का स्वागत है।


 गीतों से होली गुनगुनाई है। 

 सुई का धागा बन फिर होली आई है।

 बधाई हो होली आई है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract