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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

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होली -3

होली -3

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पूनम के चांद को रंगता,

 रंगों से रंगा आकाश है।

अपनों से मिलने से जीवन में 

आ रहा प्रकाश है।


बधाई हो होली आई है 

फूलों की महक हर ओर छाई है। 

 नई फसल का स्वागत है।


 गीतों से होली गुनगुनाई है। 

 सुई का धागा बन फिर होली आई है।

 बधाई हो होली आई है। 


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