STORYMIRROR

विवेक यशस्वी

Abstract

3  

विवेक यशस्वी

Abstract

हमें जीना है

हमें जीना है

1 min
219

सीखते रहे माँ पिता से

क्या क्या करना है।

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


जीवन न छूटने पाए

सांस सांस जीते रहना

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


हमारी नसों में खून नहीं

जीवन की रवानी है।

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


वेद पढ़े आयुर्वेद गढ़े

जीवन जीने लायक किया

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


परंपरा रही हमारी वही

जिसे कोरोना का बचाव कहा

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


मेरी सुनो घर पर रहो

देश जान भी तुम्हारी है

क्या नया क्या पुराना

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।


करता हूं नमन

गुरु आपको

जिनसे हमने खुद को बनाया

है औकात मुझसे टकराये

कोरोना को हराना है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract