हमारी सोच
हमारी सोच
हमारी सोच हमें बदल सकती है,
हमारी सोच हमारा जीवन बदल सकती है,
यदि हमारी सोच दूसरो की सहायता की होती है
तो हम हमेशा दूसरो की सहायता करते हैं
यदि हमारी सोच दूसरों के खिलाफ कार्य करने की होती है
तो हम हमेशा दूसरो का विरोध करते हैं,
यदि हमारी सोच कार्य करने की होती है
तो हमेशा कार्य करना पसंद करते हैं,
यदि हमारी सोच कार्य न करने की होती है
तो हम हमेशा कामचोरी करते हैं,
यदि हमारी सोच सकारात्मक होती है तो
हम सभी चीजों में सकारात्मकता देखते हैं
यदि हमारी सोच नकारात्मक होती है तो
हम सभी चीजों मे नकारात्मकता देखते हैं,
यदि हमारी सोच मे सभी से
प्रेम से व्यवहार करना होता है तो
हम दूसरों से प्रेम का व्यवहार करते हैं,
यदि हमारी सोच में सभी से नफ़रत का व्यवहार करना है
तो हम दूसरो से नफ़रत का व्यवहार करते हैं,
यदि हमारी सोच मे बड़ा सोचना होता है तो
हम हमेशा बड़ा सोचते हैं,
यदि हमारी सोच में छोटा सोचना होता है
तो हम हमेशा छोटा सोचते हैं,
यदि हमारी सोच कुछ नया करने की होती है
तो हम हमेशा नया करने की सोचते हैं
यदि हमारी सोच हमेशा आगे बढ़ने की होती है
तो हम हमेशा आगे बढ़ते हैं,
यह हमारी सोच ही है जो हमें जो चाहे वह बना सकती है,
यह हमारी सोच ही है जो हमे उन्नति या अवनति दिला सकती है
हमारी सोच हमें बदल सकती है,
हमारी सोच हमारा जीवन बदल सकती है।
