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Sonam Kewat

Abstract

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Sonam Kewat

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हम और हमारे झगड़े

हम और हमारे झगड़े

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बहस हर रोज होती हैं हमारी पर

आखिरी झगड़ा आज ही हुआ है


जाते वक्त कहा था उसने कि

तुम क्या जानो प्यार क्या होता है

क्योंकि प्यार तो सिर्फ मुझे हुआ है


चलों अगर तुम्हें लगता है ना कि

मुझे प्यार नहीं है तो सुनो

आते होंगे लोग ऑनलाइन हर पल


तुम तो हर वक्त व्यस्त रहते हो

दो मिनटों में आकर चले जाते हो

और तुम प्यार की बातें करते हो


तुम क्या जानो एकझलक के लिए

यहां कितना इंतजार हुआ है

तुमसे बातें करने की खातिर


दिल हर पल बेकरार हुआ है

और फिर भी तुम कहते हो कि

सिर्फ तुम्हें ही ये प्यार हुआ है


प्यार का मतलब तो समझा यही

खुद को खोकर तुमको पाना है

प्यार अगर तुम्हे हैं तो बेशक

हमारा दिल भी तेरा दिवाना हैं


प्यार तुम्हें भी है और मुझे भी

किसी को बीच में लाया मत करो

तुम्हें पता है मुझे ये पसंद नहीं फिर

जानबूझकर जलाया मत करो


हम और हमारे झगड़े काफी है

ये भी हमारे प्यार का हिस्सा है

तोड़ने की कोशिश लोगों ने की थीं

पर जुड़ता गया हमारा किस्सा है


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