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Shubham Veer Saxena

Romance

4  

Shubham Veer Saxena

Romance

हज़ारों में हो

हज़ारों में हो

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बेच चुके ईमान जो अपना

तुम इश्क के बाज़ारों में हो


जो एक है सिर्फ तुम्हारे लिए

तुम उसके लिए हज़ारों में हो


जवाब है जो हर बात का तुम्हारी

तुम उसके सिर्फ सवालों में हो


पूरा नहीं है प्यार हां उसका

के तुम इश्क लिए मझधारों में हो


वक्त सौंप दिया पूरा जिसको

तुम उसके लिए कतारों में हो


जो एक है सिर्फ तुम्हारे लिए

तुम उसके लिए हज़ारों में हो।


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