STORYMIRROR

Shyam Kunvar Bharti

Abstract

2  

Shyam Kunvar Bharti

Abstract

हिन्दी सावन शिव भजन 2 -भोला जी की भंगिया

हिन्दी सावन शिव भजन 2 -भोला जी की भंगिया

1 min
75


भोला जी की भंगिया, गौरा जी की परेशानिया।

मन मन रोती है गुस्सा करती है।

भंगिया पिसती है गणेश जी की अम्मा।

भोला जी की भंगिया, गौरा जी की परेशानिया।


भंगिया मैं पीऊँगा जल्दी डालो कमंडल में।

भंगिया ना पिलाऊँगी देखे देव भूमंडल में।

चलो देवघर बाबा धाम में।

भोला जी की भंगिया, गौरा जी की परेशानिया।


बच्चे अभी छोटे है गणेश कार्तिक अच्छे है।

बच्चों ना बिगाड़ो मन के अभी कच्चे है।

लो पी लो ठंडी लस्सीया।

भोला जी की भंगिया, गौरा जी की परेशानिया।


डमरू डम डम बजाऊँगा बम बम नाचूँगा।

झम झम सावन बरसेगा बाबा धाम रहूँगा।

कावरियों बोलो बम बम।

भोला जी की भंगिया, गौरा जी की परेशानिया।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract