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Arun Kumar Prasad

Inspirational

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Arun Kumar Prasad

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हिमालय ढह रहा है रोकने की जिद करो यारो

हिमालय ढह रहा है रोकने की जिद करो यारो

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हिमालय ढह रहा है रोकने की जिद करो यारो.

कहीं गंगा न गुम जाये इसे सीमित करो यारो.

पहेली क्यों बुझाने में लगे हो कौन दोषी है?

पराभव आ खड़ा है सामने इसे पराजित करो यारो.

कसम लेके है बैठा जो तमाशा देखने की जिद. 

तमाशा करनेवालों को तो अब लोहित करो यारो. 

पीढ़ी आ रही है क्या कहोगे उनको तुम जरा सोचो.

शासन शेष हो पूर्व इसके उसे क्रोधित करो यारो.

जीवन दायिनी गंगा का कर्जा युग-युगों से है.

कर्जे को चुकाने स्वयं को अब जीवित करो यारो.

अरे! शिव की जटाओं का कहीं तांडव न खुल जाये.

ढहने की प्रक्रियाओं को तो अब निन्दित करो यारो.

हिमालय से उतरकर हिम हलाहल न बन जाये.

प्रलय को रोकने कटिबद्ध हो साबित करो यारो.

हिमालय है तो गौरव-गान है यह देव भूमि है.

क्षरण से अब हिमालय को अत: बाधित करो यारो.----


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