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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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हास्य व्यंग्य:यमलोक को मोदी उपहार

हास्य व्यंग्य:यमलोक को मोदी उपहार

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सुबह-सुबह मित्र यमराज अचानक घर आ गये
मिठाई का डिब्बा हाथ में लिए बड़ा खुश नजर आ रहे थे,
बिना दुआ सलाम के कहने लगे
प्रभु! आप अभी तक सो रहे हो
लगता है आजकल बहुत लापरवाह हो गये।
मैंने झुंझलाते हुए कहा -
यार भेजा खाने थोड़ी देर बाद नहीं आ सकता था?
या मेरा बीपी बढ़ाने में ही तुझे आता है मजा?
यमराज प्यार से कहने लगा-
प्रभु जी! कैसी बहकी-बहकी बातें आज कर रहे हो  
या अभी तक नींद में ही बड़बड़ा रहे हो।
मैं भड़क गया - अब तू चुप हो जा 
या वापस यमलोक चला जा 
वरना अनर्थ हो सकता है
हमारे साथ तेरी मित्रता का रिश्ता अभी टूट सकता है।
यमराज हड़बड़ाया -न न प्रभु ऐसा बिल्कुल मत करना 
वरना सारा गुड़ गोबर हो जाएगा 
थोक में पाक आतंकी आत्माओं के 
यमलोक आगमन की खुशी पर पानी फिर जाएगा,
फिर मेरी इस मिठाई का क्या मतलब यह जायेगा?
यमराज की बात सुनकर मैं गंभीर हो गया 
उसकी मासूमियत देखकर मजबूर हो गया,
उसके हाथ से मिठाई का डिब्बा ले लिया 
पांच छः लड्डू फटाफट गटक गया।
यमराज ने लपककर मेरे हाथ से डिब्बा छीन लिया 
बस प्रभु! आपका शुगर बढ़ जायेगा 
औरों के लिए लड्डू कम पड़ जायेगा।
अरे यार! एक तो तूने मुझे जगा दिया 
मेरी पाकिस्तान यात्रा का सत्यानाश कर दिया,
आपरेशन सिंदूर से दूर कर दिया,
कम से कम हजार का लक्ष्य था 
तूने सौ के भीतर ही अटका दिया।
यमराज हाथ जोड़कर कर मासूमियत से कहने लगा-
क्षमा प्रभु! मैं मजबूर था 
अपनी खुशी के भारी दबाव में था।
मोदी जी ने आज एक और अच्छा काम कर दिया 
मेरी और मेरे चेलों का काम आसान कर दिया।
एक साथ इतने सारे आतंकी आत्माओं को एक साथ 
कचरा गाड़ी से यमलोक भिजवा दिया,
पहलगाम का बदला ले लिया,
थोड़ा ही सही कलेजे को ठंडक पहुँचा दिया,
आपरेशन सिंदूर से आतंकी गंदगी को 
कुछ हद तक झटपट साफ करवा दिया,
आपरेशन सिंदूर के दूसरे चरण का संकेत दे दिया,
पर आप नहीं जानते कि हमें इससे क्या फर्क पड़ गया?
दरअसल थोक में आत्माओं को
यमलोक ले जाने में होने वाली असुविधाओं का भी 
मोदी जी ने पहले ही संज्ञान ले लिया,
और एक दर्जन कचरा गाड़ी बिना किसी डिमांड के     सीधे यमलोक भिजवा कर उपहार दे दिया,
और हमें कल हो सकने वाली असुविधाओं का भी 
आज ही समाधान दे दिया।
तभी तो कहूँ कि मेरे चेले चपाटे भी ऐसा क्यों कह रहे हैं 
या किसी आतंकवादी संगठन के चंगुल में फंस गए हैं 
जो मोदी है, तो मुमकिन है, का गान गाकर
जमकर भाँगड़ा कर रहे हैं 
आतंकियों ने मोदी को बताने का कहा था-
भोले- भाले बेचारे मोदी जी ने 
उनका संदेश बड़े प्यार से सुन लिया 
और बड़ी शालीनता से जवाब भी भिजवा दिया है,
बस! इतनी छोटी सी बात ने 
यमलोक को भी उल्लास से भर दिया है,
और लड्डू के चक्कर में मेरे बजट का तो 
सत्यानाश किया कोई बात नहीं,
अपने साथ मेरी भी नींद खराब कर दिया है
मुझे आपके पास लड्डू लेकर आने 
और आपको जगाने के लिए मजबूर कर दिया है,
अब आप ही बताओ क्या मुझसे भी कोई गुनाह हो गया?

सुधीर श्रीवास्तव 


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