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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational Thriller

हां के भीतर ना

हां के भीतर ना

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बुराइयों

के

भीतर

भी

अच्छाइयां

होती

है

एक

नजर

से

अच्छाइयों

के

भीतर

भी

बुराइयां

होती

हैं

एक

नजर

से

हर

खुशी

में

लेश

मात्र

ही

सही

एक

कसक

सी

होती

है

हर

कसक

में

थोड़ी

सी

खुशी

जरूर

होती

है

नकारात्मकता

के

भीतर 

सकारात्मकता

होती

है

और

सकारात्मकता

के

भीतर

भी

नकारात्मकता

होती

है

हां

के

भीतर

ना

और

ना

के

भीतर

हां

छुपा

होता

है


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