गुरु का सम्मान 🌹
गुरु का सम्मान 🌹
गुरु का सम्मान 🌹
शिक्षक दिवस मना रहे हो,
अच्छी बात है, बहुत अच्छी बात है।
गुरु के चरणों में शीश झुका रहे हो,
ये भी बड़ी अच्छी बात है।
फूलों से गुरु को सजा रहे हो,
गुलाब देकर सम्मान कर रहे हो,
मीठे-मीठे शब्दों से
गुरु का गुणगान कर रहे हो।
लेकिन एक सवाल है मेरा,
इसका उत्तर देना होगा—
जब गुरु तुम्हें राह दिखाएँ, उस राह पर चलना होगा?
शिक्षक की बात नहीं मानते,
ये तो बहुत बुरी बात है।
गुरु की सीख को भूल जाते हो,
फिर कैसी गुरु-भक्ति की बात है?
गुरु सिर्फ़ किताब नहीं पढ़ाते,
जीवन का अर्थ बताते हैं।
जब राहों में अँधेरा छाए,
दीपक बनकर राह दिखाते हैं।
डाँट में भी उनका प्रेम छिपा है,
शब्दों में संसार छिपा है।
गुरु के हर एक उपदेश में
जीवन का सार छिपा है।
एक दिन गुरु को पूजोगे,
और अगले दिन भूल जाओगे,
तो बताओ इस सम्मान से
क्या सच में आगे बढ़ पाओगे?
गुरु का सम्मान फूलों से नहीं,
उनकी सीख अपनाने से है।
गुरु का सम्मान भाषण से नहीं,
उनके बताए पथ पर जाने से है।
जिस दिन गुरु की बात समझोगे,
उस दिन जीवन बदल जाएगा।
मेहनत, अनुशासन, सत्य के बल पर
हर सपना सच हो जाएगा।
इस शिक्षक दिवस पर आओ,
एक संकल्प हम सब लें—
गुरु की बात को मानेंगे,
उनके सपनों को सच कर देंगे।
क्योंकि गुरु केवल एक शिक्षक नहीं,
जीवन का सच्चा मार्गदर्शक है।
गुरु का सम्मान वही करता है,
जो उनकी सीख पर चलता है।
फूल चढ़ाना आसान बहुत है,
सीख निभाना बड़ी बात है।
शिक्षक दिवस मनाना अच्छी बात है,
पर शिक्षक की बात मानना—
उससे भी अच्छी बात है। 🌹🙏
