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AVINASH KUMAR

Inspirational

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AVINASH KUMAR

Inspirational

गिर गये तो गिरे ही पड़े मत रहो

गिर गये तो गिरे ही पड़े मत रहो

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 गिर गये तो गिरे ही पड़े मत रहो,
खोखली ज़िद पर अड़े मत रहो।
ज़िंदगी नाम दरिया-सा चलने का है,
बरगदों की तरह से खड़े मत रहो।।

 ठोकरें राह की हैं सबक के लिए,
 हर कदम को समझकर बढ़ाते चलो।
हार यदि आज मिली है तो क्या ग़म,
 कल की खातिर नया दीप जलाते चलो।।

 वक्त रुकता नहीं, तुम भी रुकना नहीं,
मुश्किलों से कभी यूँ डरा मत करो।
जो मिला है उसी से नया रास्ता गढ़ो,
बीते कल को पकड़कर खड़े मत रहो।।

 आँधियों में भी दीपक जलाया करो,
अपने सपनों को दिल में सजाया करो।
राह कितनी भी मुश्किल क्यों न हो,
हौसलों को कभी तुम झुकाया मत करो।।

 ज़िंदगी एक सफर है, सफर ही सही,
हर कदम पर नया कुछ मिलेगा कहीं।
गिरना कोई अंत नहीं है यहाँ,
गिर के उठना ही असली जीत है यहीं।।

 गिर गये तो गिरे ही पड़े मत रहो,
खोखली ज़िद पर अड़े मत रहो।
ज़िंदगी नाम दरिया-सा चलने का है,
बरगदों की तरह से खड़े मत रहो।।


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