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अलका 'भारती'

Inspirational

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अलका 'भारती'

Inspirational

गीतिका

गीतिका

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नियम है न ऐसा बनाया गया ।

करम कर अधर्मी छिपाया गया॥


कदम देश हित जो उठाया गया ।

भला हो कतल भी कराया गया ॥


वतन पर निछावर हुये प्राण हैं । 

डिगे ही नहीं सिर कटाया गया॥


नमन जाँ लुटा कर गये देश पर।

अमर धर्म बलि से निभाया गया॥


तिरंगा कफन शान से वो सजा ।

वहीं सो गये जो लिटाया गया ॥


अजब प्रेम पर मिट गये जो गजब।

लहू भक्ति अर्पण बहाया गया ॥


पतन देश का आज जो हो रहा।

कहो कर्ज वो क्या चुकाया गया॥


करें वंदना..शत नमन ..'भारती'।

जहाँ भक्ति दीपक जगाया गया॥



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