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Harshita Dawar

Abstract

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Harshita Dawar

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घरों में रहकर करिस्तानी ना सोच

घरों में रहकर करिस्तानी ना सोच

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घरों में रहकर करिस्तानी ना सोच के लॉक में बंद है तू

ये सोच ना हर दम, के दम गुट जाएगा यहां पर।

 

सब ख़ुद घरों में रहकर इंसानियत के फ़र्ज़ को

कारगर बनकर, लॉक डाउन का पालन पूरी तरह कर कर 

इतिहास के पन्नों पर ये ऐलान कर देंगे भारत का नाम यू ही लिखते रहेंगे।

इलाक़े बड़े है प्रेम भाव वहीं है सोच से परे रिश्ते नाते वहीं है।


हिफ़ाज़त ज़रूरी मुखौटे ज़रूरी साफ़ होकर भी विनम्र भाव ज़रूरी

ना मजजद की आज़म ना मंदिर की घंटी दिलों में है

भगवान दिलों में है भगवान ईश्वर अल्लाह राम है एक ही नाम


कोरोना का ना मज़हब ना है उसका ईमान वो

सबका नाशक मंत्र यहीं विद्यमान विकल्प नहीं संकल्प ले लो

घर में रहकर साफ़ रहो कोरोना से लड़कर

ख़ुद को नहीं सबको सुरक्षित करो तुम।


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