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एकता

एकता

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हम सब एक हो जाए

तो फिर क्या बात है

पाँच उंगलीयाँ मिलकर

मुठ्ठी बन जाए तो क्या बात है।


यह मेरा यह तेरा रंग

मजहब कहाँ सिकाता है

आपस मे लड़ पड़े और

लाल रंग खून का खूब है।


एकता में है बड़ी ताकत

चलो आजमाकर देखते हैं

हो जायेगा हर मुश्किल काम

चलो उसे पूरा कर देते हैं।


हर धर्म इंसानियत की बात

देखो हर पल बतलाता है

नफरत नहीं है हल अब

प्यार से दिल जीत जाते हैं।


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