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Malvika Patel

Tragedy

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Malvika Patel

Tragedy

एकता

एकता

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जात - पात, रंग रूप,

आज यही हमें बनाती है।


क्या हमारा धर्म हमें चुनता है ?

के यह देश हमें सुनाता है।


नीची जात की संख्या भी

ऊंची जाति लोगों से ज्यादा है,

फिर भी क्यों ?


हमारे एकता का स्वर

अनसुना चला जाता है।


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