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Arun Saini

Romance

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Arun Saini

Romance

एक दूजे में मिल जाए

एक दूजे में मिल जाए

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तू मुझ में और मैं तुझ में मिल जाऊं


प्यार का इज़हार करते है गुलाब से

तुम बनो खुशबू तो मैं वो गुल बन जाऊं,


सुना है इश्क़ सा नशा है पैमाने में

तो क्यो न चले किसी मयखाने में

तुम बनो मदिरा तो मैं बोतल बन जाऊं,


छोड़ के सारी दुनिया चले दूर आसमान में

तुम बनो किरण तो मैं सूरज बन जाऊं,


आ चल चले रात के अंधेरे में

तुम बनो चाँदनी तो मैं चाँद बन जाऊं,


इस ज़माने ने तोड़े है हज़ारो आशिको के दिल

तुम बनो उनकी मुस्कान तो मैं लब बन जाऊं,


आ चल चले किसी मज़लूम के आशियाने में

तुम बनो उसके ख़्वाब तो मैं नैन बन जाऊं,


पत्थर सा दिल लिए बैठे है लोग

जो नही समझते किसी के ज़ज़्बातों को

तुम बनो उनकी धड़कन तो मैं दिल बन जाऊं।


तू मुझ में और मैं तुझ में मिल जाऊं

तू मुझ में और मैं तुझ में मिल जाऊं


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