STORYMIRROR

Dheeraj kumar shukla darsh

Classics

4  

Dheeraj kumar shukla darsh

Classics

दुर्गाष्टमी पर एक प्रार्थना

दुर्गाष्टमी पर एक प्रार्थना

1 min
475

ये वतन है अगर, तो सैनिकों से माता

उनकी करना रक्षा तुम, प्रार्थना है माता


वो लाल देश के हैं, हमसे पहले वो हैं

वो हैं अगर वहाँ तो, त्यौहार वतन में हैं


हम चाहते हैं इतना, ना आये कोई विपदा

करना उनकी रक्षा, माँ तुम हमेशा


बस इतना ही चाहूँ, माँ दुर्गा मैं तुमसे

सरहद रहे सुरक्षित, मेरे वतन की अब से


वो वीर हैं हमारे, उनसे ही हम हैं जिन्दा

माँ है यही प्रार्थना, करना उनकी रक्षा


माँ करना उनकी रक्षा, देना उन्हें सुरक्षा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics