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anuradha nazeer

Tragedy

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anuradha nazeer

Tragedy

दुनिया वाले

दुनिया वाले

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किस-किस से डरूँ मैं,

दुनिया वाले बोलो?

वास्तव है औरत बन गया

मगर क्या भेद है ?

स्त्री हूँ मानती हूँ!

होने पर क्या नुकसान ?

आखिर में स्त्री तो हूं ना,

परिवार को संभालती हूं ना,

स्त्री बनना अच्छा नहीं क्या?

क्या मेरा दोष क्या

क्या कम है मेरे पास

क्या मैं लायक नहीं हूं क्या ?

इस दुनिया में मुझे जगह नहीं क्या ?

मुझे जिंदा तो छोड़ो!

मुझे भी जीने दो !

स्त्री होना पाप है क्या

बताओ , बचाओ ,कोई सुनता है क्या?????????


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