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Deepti Agrawal

Abstract

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Deepti Agrawal

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duniya

duniya

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दुनिया में रखा क्या है कहने वालो

मन की नजरों को खोलो जरा

घुमा अपनी गर्दन, आस पास देखो जरा

कर मदद, किसी दुखियारे की

बांट उसका लो दर्द


जो बोओगे वही काटोगे

देकर किसी अंखियों में आंसू

खुशियां कहां से पाओगे

गुरु की शिक्षा, उसकी दीक्षा


सही राह चुन पाओगे

कर समर्पित किसी भी गुरु को

मान अपना बड़ाओ

गुरु के कदमों में अर्पण

अपना सर्वस्व, जीवन का गुर सीख जाओ।


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