STORYMIRROR

Manju Saini

Inspirational

4  

Manju Saini

Inspirational

दोस्ती

दोस्ती

1 min
359

दोस्ती तो ऐसा व्योम है…

जिसमें प्यार का चंद्र चाँदनी फैलाता है

और संग संग यादो को सहेजने के लिए

रिश्तों की गर्माहट समेटने को सूर्य जगमगाता है 

खुशियों के नटखट सितारे झिलमिलाते हैं

दोस्ती तो ऐसा अहसास है..

एक सलोना व सुहाना सा अहसास है

जो संसार के हर रिश्ते से अलग व प्यारा है

आज के मौजूदा रिश्तों के जंजाल में 

यह मीठा सा रिश्ता एक प्यारा सा अहसास है

दोस्ती तो ऐसी अनुभूति है…

जिसकी व्याख्या होना कठिन है

दोस्ती, शुद्ध और पवित्र मन की आस है

मिलन का विश्वास की एक अनुभूति है

एक बेहद उत्कृष्ट व आत्मिक सुखद अनुभूति  

दोस्ती तो एक तटबंध है…

जिसे पाते ही तनाव और चिंता के मानो

चहुं ओर से तटबंध टूट जाते हैं

स्नेह का मानो सैलाब सा बह चलता है

सभी भावनाओं के मानो तटबंध टूट जाते हैं।



రచనకు రేటింగ్ ఇవ్వండి
లాగిన్

Similar hindi poem from Inspirational