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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract

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Vijay Kumar parashar "साखी"

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दोस्ती

दोस्ती

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तेरी दोस्ती हमें यारा जन्नत से भी प्यारी है

तू संग है तो लगता सारी दुनिया हमारी है

तेरे बग़ैर लगती ये दुनिया हमें बहुत भारी है

तेरे साथ से बनी मेरी जिंदगी चमत्कारी है

तू नव,मेरे इस अंधेरे से जीवन का चंद्रमा है

तेरी किरणों से जलती जिंदगी की लौ हमारी है

फूल बनकर मेरे जीवन को महकाते रहना,

तुझसे यारी जिंदगी की सर्वोच्च खुशी हमारी है


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