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Mustafa Dhorajiwala. Musa Shayar

Tragedy

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Mustafa Dhorajiwala. Musa Shayar

Tragedy

दम तोड़ दिया

दम तोड़ दिया

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गाँव  से  शह्र में  आते हुए  दम तोड़ दिया

मिट्टी  की याद  मिटाते हुए  दम तोड़ दिया


माँ की आँखों से निकलते दिखे आँसू जिस दम

अपने अश्को  को छुपाते हुए  दम तोड़ दिया


मौत की  खाट पर  लेटी हुई  थी माँ  जिसने

झूला बच्चे का  झुलाते हुए  दम तोड़ दिया


इस क़दर  ज़ह्र  हवाओं में  मुलव्विस पाया

दम को घुटने  से बचाते  हुए  दम तोड़ दिया


बाद अरसे के  लगा बाबा के  सीने 'मूसा'

उनको सीने से  लगाते हुए  दम तोड़ दिया



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