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Praveen Gola

Inspirational

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Praveen Gola

Inspirational

दिवाली की रौशनी

दिवाली की रौशनी

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शरद ऋतु ने अपना रंग बिखेरा,दिवाली की रौशनी ने घर को घेरा।

खुशियों के त्योहार पर सब से मिलने का वक्त आया ,

दीपों की रोशनी ने हम सबके मन को खूब हर्षाया।

दिवाली की दस्तक पर हर दिल खुश हो जाता है ,

मिठाई और प्रेम से सबका मन खिल जाता है।

परंपराओं के मेले और धर्म की भावनायें जब आतीं ,

कहानियों का संगम तब अपने संग सबको जोड़ जातीं।

जीवन की रौशनी और सपनों की उड़ान से ,

दिवाली की मिठास भरती हर दिल को शान से।

जगमगाते दीपों में छुपी खुशी की रोशनी अपार ,

इस त्योहार में बसी है मिठास की कहानी बारम्बार।

पटाखों के शोर से वातावरण में सुन्दरता आई ,

रंग-बिरंगे कपड़े पहन हर मनुष्य में खुशी समाई।

इस दिवाली को अपने दिल में बसाकर गीत नये - नये गाना ,

सब पर प्रेम और खुशियाँ लुटा कर इस जग को सुन्दर बनाना।

जीवन को रोशनी से भरकर नये पथ पर कदम बढ़ाना ,

खुशियों के इस पर्व में जोश , उमंग को खूब खुशियां

दर्शाना।।


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