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Phool Singh

Inspirational

4  

Phool Singh

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दिल्ली का हाल

दिल्ली का हाल

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दीवाली पर दीप जला,

मिठाई भी सबको खूब खिलाई

धूमधढाक कर पूरी रात सब

पटाखे-चक्री भी खूब चलाई

अनार-रॉकेट चला-चला कर,

वातावरण की धज्जियाँ उड़ाई||


जहरीली गैस का, चैंबर बना,

जनता की परेशानी खूब बढ़ाई

मरीजो की शामत, ला शहर में

पराली-बदली हवा पर, दोष लगाई,

पर करनी अपनी समझ ना आई ||


धुए से ढक गया है भानू, धूप का भी आगाज नहीं

खो गया कहीं, नीला आकाश भी

धुंध का बना, गुब्बार कहीं

बम-पटाखे के धुए में,

गुम हो गई खुशी कहीं ||


सांस-दमे के मरीजो ने,

अस्पतालो में जाकर लाइन लगाई

शांति से दिवाली मनाने की

सबने थी गुहार लगाई

बम पटाके उपयोग ना करना,

सरकार विज्ञापन भी खूब चलाई ||


पेड़-पौधे में रुचि नहीं तो, शुद्ध हवा फिर कहाँ से पाये

नए वाहन की खरीद पर रोक लगा

कारपुलिंग पर ध्यान लगायें

ऑड-ईवन योजना भी दिल्ली आई,

जनता को सारी सुकून दिलाई ||


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