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Ajay Amitabh Suman

Inspirational

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Ajay Amitabh Suman

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दिल का पथिक

दिल का पथिक

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हालात जमाने की कुछ वक्त की नज़ाकत,

कैसे कैसे बहाने भूलों के वास्ते।


अपनों के वास्ते कभी सपनों के वास्ते,

बदलते रहे अपने उसूलों के रास्ते।


कि देख के जुनून हम वतन की आज,

जो चमन को उजाड़े फूलों के वास्ते।


करते थे कल तक जो बातें अमन की,

निकल पड़े है सारे शूलों के रास्ते।


खाक छानता हूँ मैं अजनबी सा शहर में,

क्या मिला ख़ुदा तेरी धूलों के वास्ते।


दिल का पथिक है अकेला"अमिताभ" आज,

नाहक हीं चल पड़ा है रसूलों के रास्ते।




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