STORYMIRROR

Apurva Jha

Romance

2  

Apurva Jha

Romance

दीवानगी सी कहीं तुमसे हो गई

दीवानगी सी कहीं तुमसे हो गई

1 min
96

दबी सी होटों पे कुछ खलिश सी छोड़ आए तुम

आंखो पे अपनी छवि सी दे आए।।

रूहानी सी दिलकशी है तुमसे।

क्या यकीन करलूँ कि तुम हो कहीं।

या कर लूँ पूरी धड़कनों की ख्वाइश।।

क्या नाम दूँ इस रिश्ते का ।

या छोड़ दूँ इसे बेनाम सा ही।

 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance