STORYMIRROR

Ankur Singh

Abstract Inspirational Others

4  

Ankur Singh

Abstract Inspirational Others

दीपावली का पर्व

दीपावली का पर्व

1 min
364

सुबह - सुबह सोकर उठे करें देह स्नान, 

घर-आंगन को लीपे पोते करें स्वच्छ स्थान! 

रंगो से सजे रंगोली सज जाए घर संसार, 

शाम को जलाएं दीपक सजाएं दिए से द्वार! 

हाथ जोड़ विनती करें घर आओ भगवान, 

दिया आसन, भोग लगाएं, करें सभी श्रृंगार! 

सुंदर फूलों की माला से करें उन्हें आभार, 

पूजा कर के प्रभु की, मांगे मन्नत खास, 

उनके घर भी खुशियां जाए, गए नहीं जो घर आज, 

डॉक्टर, पुलिस, सैनिक, वैज्ञानिक निभा रहे सब फर्ज अपना

एक दिन हम भी चुकाएंगे देश - कर्ज अपना,

बाहर निकल घर से, ले सबसे आशीर्वाद

दोस्त, रिश्तेदार सबको दे शुभकामनाएं अपार

घर आंगन द्वार पर सबको बांटे प्रसाद।

गरीब भी न रहे भूखा बस इतना रखे ख्याल।

सबके हिस्से आए खुशी ऐसा करो कमाल

हे मां इस दीपावली भर दो झोली अपार।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract