धरती का स्वर्ग
धरती का स्वर्ग
पहन के सफेद मखमली साड़ी अनोखी,
धरा ने ली मदहोश अंगड़ाई अनोखी।
पेड़ भी सजने - संवरने लगे सफेद गहनों से,
मानो अपसराएं उतर आई स्वर्ग से।
झरमर झरमर गिरती बर्फीली बारिश,
बिन पानी भिगोने की कर रही साजिश!
झिल-झरने, नदियाँ, पर्वत भर के झोली;
लगे खेलने सारे सफेदी की होली!
आया मंद मंद ठंड हवा का झोंका,
संग लाया शबनमी स्फूर्ति का मौका।
फैला है चारों ओर श्वेत हरियाली का माहौल ,
धरती पर छाया स्वर्ग सा माहौल ।
