STORYMIRROR

Vikas Kumar

Romance

3  

Vikas Kumar

Romance

डर तेरे जाने का

डर तेरे जाने का

1 min
297


डर तेरे जाने का 

राहो में बैठा अकेला 

एक राह की तलाश में

असमान को देखता रहा 

तेरे साथ के इंतज़ार में

साथ तेरे न सही पर 

तेरे मुस्कान में डूबा रहा 

कुछ न कहा,

कुछ न सुना 

बस तेरी तस्वीर निहारता रहा

तेरे चेहरे की खुशी देखी 

तो हल्का हल्का मुस्कुराने लगा 

पर अगले ही पल सहम सा गया

जब तुझे अपने से दूर जाते देखने लगा।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance