✨ डिजिटल युग का प्यार ✨
✨ डिजिटल युग का प्यार ✨
स्क्रीन के पीछे दिल धड़कते,
मैसेजों में जज़्बात भटकते।
इमोजी में छुपे एहसास,
पर छूने का नहीं कोई प्रयास।
ऑनलाइन हर पल साथ हैं,
फिर भी कुछ अनकहे जज़्बात हैं।
वीडियो कॉल में मुस्कान दिखे,
पर आंसू छुपाने के सौ उपाय हैं।
स्टेटस, लाइक और कमेंट की दुनिया,
जहाँ इश्क़ भी है, पर तन्हाई भी है।
डिजिटल शब्दों में उलझे अरमान,
पर हाथों का वो गर्म अहसास नहीं है।
वर्चुअल आलिंगन, डिजिटल स्पर्श,
क्या इससे मिटेगा दूरी का दर्द?
डेटिंग ऐप्स पर स्वाइप किए दिल,
क्या इनमें सच्चा प्रेम भी मिल?
पर फिर भी…
एक मैसेज पर चेहरे की हँसी,
वीडियो कॉल में आँखों की नमी।
शायद प्यार बदला है, मिटा नहीं,
ये डिजिटल युग का सिलसिला सही?
