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Aarti Ayachit

Abstract

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Aarti Ayachit

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"डायरी के पन्ने"

"डायरी के पन्ने"

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डायरी के खाली पन्ने भी

तन्हाई में आकर मुझसे कहने लगे

शुरूआत हमसे करके

दोस्ती निभाने के वक्त हमें यूं ही

अकेले छोड़ दिया


भूली भटकी ज़िंदगी में

रास्ता दिखाने वाले एक

तुम ही तो साथी हो मेरे

तुम्हें भला कैसे 

भूला सकती हूं मैं

मझधार में किनारा बनकर


तुमने ही तो मुझे डूबने से बचाया

और नई राह दिखाकर कहा

"आप अकेली नहीं हैं"

हम आपके हमेशा से साथ हैं

और रहेंगे

"ये दोस्ती हम नहीं तोडेंगे

तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ न छोड़ेंगे"


यह दोस्ती रहेगी सदैव जिंदाबाद!




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