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Bhawna Kukreti Pandey

Abstract

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Bhawna Kukreti Pandey

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दादी के डिब्बे

दादी के डिब्बे

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गौलू

की नजरों में 

दादी के डिब्बे, 

भरे हैं जिनमें 

काजू- मुनक्के। 


सोचे वो मन में 

दादी जो सोये तो 

उड़ाऊं मैं जम के।


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