द क्रैडल
द क्रैडल
बर्थ मोरिसोट थी एक फ्रेंच चित्रकार,इम्प्रेशनिस्ट कलाकारों के दल की बहार ,उनकी चित्रकारी से आधुनिकता जगी , फ्रेंच कला जगत में वो सम्मानित बनी।
1874 में बर्थे मोरिसोट ने ,युजीन मैनेट से किया विवाह ,लेकिन उन्होंने चित्र बनाने जारी रखे ,चाहे कोई भी उनसे होता रहे खफा।
इसी वर्ष 'द क्रैडल' का हुआ प्रदर्शन ,जिसमें उनकी बहन एडमा द्वारा ,उनकी सोती हुई बेटी ब्लैंच का ,ख्याल रखने के हुए दर्शन।
यह मातृत्व का था पहला चित्र ,जो बाद में बना उनका पसंदीदा मित्र ,इस चित्र से उन्होंने रचा था इतिहास,जिसमे दिखा माँ का प्यारा एहसास।
बर्थे मोरिसोट की यह सुन्दर पेंटिंग,द क्रैडल, दिल को छू गई हमारे ,जो 1872 में चित्रित हुई थी पेरिस में ,अब बता रही मां की ममता भरी बातें।
अद्भुत कला की यह झलक भरपूर,जिसमें दिखाई देता है एक माँ का नजारा , जो निहार रही अपनी बेटी को सोते हुए,जिसमें छिपा है एक आशीर्वाद प्यारा।
इस पेंटिंग में दिखाया एक माँ का प्यार,जो हमें सिखाता हमेशा सहयोग करना ,अपनी संतानों के साथ हम आगे बढ़ते रहें , जीवन के हर पथ पर उनका सहारा बनते रहें।
इसमे छिपा एक माँ का संदेश,जो जीवन को संतुष्ट बनाता ,अपने सोये हुए बच्चे को निहार ,हर माँ का हृदय पसीज जाता।|
