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Sanjay Pande

Classics

4  

Sanjay Pande

Classics

चुनाव

चुनाव

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मियां-बीवी ने भी बोला

चलो चुनाव-चुनाव खेलते,

चुनाव के इस माहौल में

चलो हम भी राज खोलते।


पत्नी बोली रिमोट मेरे पास

पक्षश्रेष्टी तो मैं ही बनूंगी,

टिकट के लिये मेरे सामने

तुम्हारी अर्जी मैं ही सुनूँगी।


चलो बताव तुमने आजतक

क्या किया है जनहित का काम,

जो सही में करेगा जनसेवा

उसी का भेजूँगी मैं दिल्ली नाम।


पति बोला काम पर टिकट

कहाँ आजकल मिलता है,

पैसेवालों के आगे तो

ये टिकट भी बिकता है।


पत्नी बोली तुम्हारी जात भी

कहाँ तुम्हें जिताने काम आयेगी,

मुट्ठीभर जातभाई के भरोसे

तुम्हारी जीत ना हो पायेगी।


चुनाव-चुनाव खेलना यह

हम जैसे गरीबों का खेल नहीं,

जिसके पास है माया का जाल

आज चुनाव लड़ सकता है वही।


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