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Hemant Chaudhary

Inspirational

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Hemant Chaudhary

Inspirational

चल पड़े हैं

चल पड़े हैं

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चल पड़े हैं हम उस राह पे,
जहाँ मुश्किलें हैं अनगिनत परवाह पे।
हर मोड़ पे है एक इम्तिहान नया,
पर दिल में जलता है ख़्वाबों का दिया।

हवाओं ने कई बार रस्ता रोका,
आंधियों ने भी हौसला तोला,
मगर हमने ठान लिया ये सफ़र,
चाहे काँटों हो या पत्थरों का डगर।

टूटे अरमानों को जोड़ना सीखा है,
हर गिरावट से ख़ुद को मोड़ना सीखा है।
अंधेरों से अब डर नहीं लगता,
क्योंकि चाँद भी तो रात में ही तो चमकता।

थके कदमों से भी मुसाफ़िर बढ़ते हैं,
तन्हाईयों में भी ख़्वाब सड़ते हैं।
पर हमने उन ख़्वाबों को ज़िंदा रखा,
हर नींद के पीछे एक मंज़िल रखी।

साँसों से वादा किया है हमने,
रुकना नहीं अब, चलना है सदा।
जब तक दिल में धड़कन बाकी है,
उम्मीद का दीया जलता रहेगा सदा।

क्योंकि जीत उन्हीं की होती है,
जो ठोकर खाकर भी मुस्कराते हैं।
आसमान की ऊँचाइयों को छूने वाले,
पहले ज़मीन पे दर्द कमाते हैं।

हम भी वही हैं, जो हार नहीं मानेंगे,
हर दर्द को दुआ बना डालेंगे।
चल पड़े हैं हम, उस राह पर,
जहाँ मंज़िल नहीं — ख़ुद “सफ़र” आसान बनाना है।

Written by Hemant Chaudhary


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