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RIMA PRATIHARI

Inspirational

4  

RIMA PRATIHARI

Inspirational

चल अकेला

चल अकेला

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लक्ष्य को कर सुनिश्चित

तू चल अकेला 

कोई दे या ना दे साथ 

तू चल अकेला 


कंटकित है जीवन की राह

दिल में हो मंजिल पाने की चाह 

लगा है यहाँ लोगों का मेला  

फ़िर भी बंदे तू चल अकेला, तू चल अकेला 


अंतर्मन की आवाज़ सुन 

थामें रह विश्वास का दामन 

होंसले के दम पर मंजिल है मिला

तू चल अकेला, तू चल अकेला 


अदम्य साहस मन में हो 

आत्मविश्वास दिल में हो 

ना हो किसी से शिकवा गिला

तू चल अकेला, तू चल अकेला 


एक दिन विजय कदमों में होगी 

कामयाबी चहूँओर गूंज उठेगी 

ध्यान हो केन्द्रित तो जीत है मिला

तू चल अकेला, तू चल अकेला।


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