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Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

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Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

छूना है आसमान

छूना है आसमान

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जब कर लिया है इरादा ऊँची उड़ान का, 

छूना है आसमान लक्ष्य ऊँची उड़ान का। 


अमीर या गरीब नही मालिक जमीन का, 

ना ही हो सकता है मालिक आसमान का। 


कल तक था जो किसी अपने या पराये का, 

आज भी हममें से कुछ अपने या पराये का। 


भविष्य में भी होगा किसी अपने पराये का, 

ये सब यहीं रहना व साथ कुछ ना जाने का। 


पर जन्म लिया है तो हर हाल ही जीने का, 

मरते दम तक संघर्ष करके कुछ पाने का। 


अगर छूना है आसमान तो याद रखने का, 

मेहनत डटकर करना व हौसला रखने का।


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