छिपे सपनों को मिली मंजिल
छिपे सपनों को मिली मंजिल
आओ तुम्हें एक बात बताऊं।
मेरे दिल का छिपा सपना जो कोने में दबा हुआ था।
सोचा नहीं था कभी पूरा भी होगा।
मगर वह कहते हैं ना अगर ईश्वर इच्छा हो, मन में विश्वास हो तो दिल में छिपे सपने भी पूरे हो जाते हैं ।
कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी हो गया ।
पहले छिपा सपना डॉक्टर से शादी करना।
दूसरा छिपा सपना जो की मेरा प्यारा सा कॉलेज टाइम का देखा हुआ सपना
अपनी बेटियों के लिए देखा हुआ सपना साकार हो गया।
पहले सपना मेरे पापा ने साकार कर दिया डॉक्टर से मेरी शादी करवा दी।
मन में यह आशा बना दी कि तू डॉक्टर नहीं तो तेरा पति तो डॉक्टर है ऐसे ही डॉक्टरनी कहला जाएगी।😄
मगर मैंने भी पैरामेडिकल करके मेडिकल फील्ड में प्रवेश पा ही लिया।
जो काम मैं ना कर पाई सपने को पूरा करने का।
बच्चों कि मेहनत और ईश्वर इच्छा ने मेरे सपने को साकार करने का चांस दिया।
मेरा सपना था कि मेरे दो बेटी हो एक को मैं इंजीनियर बनाऊ, एक को मैं डॉक्टर बनाऊं।
बच्चों को बड़ौदाएम एस यूनिवर्सिटी में पढ़ाऊं
क्योंकि उस समय बहुत नाम था एमएस यूनिवर्सिटी का बड़ौदा का।
सोचा ना था यह सपना कभी पूरा होगा।
और हायर स्टडीज के लिए बच्चों को आईआईएम में पढ़ाऊ।
ईश्वर की दया से बच्चों की मेहनत से मेरा हर सपना साकार हुआ।
मेरी बड़ी बेटी एमएस यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग मास्टर्स कर टॉपर रह करके आईआईएम बी से पीएचडी है।
छोटी ने भी बड़ौदा एमएस यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर
अमेरिका से सुपर स्पेशलाइजेशन कर बहुत अच्छी न्यूरो फिजिशियन एपिलेप्सी स्पेशलिस्ट है।
बेटे का सपना नहीं देखा था मगर उसने भी बहुत अच्छा किया, वह भी एमएस यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा ले बहुत अच्छे से सेटल है।
सोचा नहीं था कि मेरा छिपा सपना ऐसे पूरा होगा मगर हुआ।
सोचती थी लेखक बनुं,
मेरी एक किताब छपे दोनों काम हो गए आज मेरी किताब डिस्पैच हो जाएगी, और लेखक तो मैं बनही गई तभी आप लोगों के साथ हुं।
इसको मैं ईश्वर का दिया हुआ अनमोल तोहफा और बच्चों की पूरी मेहनत जिससे वह टॉप में रहे मानती हूं ।
और अपने छिपे सपने को पूरा करने का श्रेय बच्चों और ईश्वर को देती हूं।
ऐसा लगता है कि
दिल के कोने में छुपा हुआ,
एक सपना सजीव है।
आशाओं के पंख लगाकर,
वह उड़ने को आतुर है।
संघर्ष की राहों में,
रोज़ वह मुस्कुराता है।
अंधेरों में भी छुपकर,
सपनों को सहलाता है।
ख़ामोशी में भी बातें,
उसकी दिल से दिल की हैं।
सपनों की इस दुनिया में,
हर चाहत मंज़िल की है।
जो मंजिल मुझको मिली
मेरे सपनों को मिली।
यह मंजिल सबको मिले ऐसी मेरी चाहत है।
सपना यह सजीव रहे,
हर दिल में एक किरण बने।
अधूरी रह जाए न कोई चाह,
हर सपना साकार बने।
