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Sumit. Malhotra

Abstract Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Action

चाँद और सितारे।

चाँद और सितारे।

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बचपन से चाँद और सितारे, 

आसमान में तकता था सारे। 


बहुत ही ज़्यादा अच्छा लगा, 

चाँद की चाँदनी में सारे तारे। 


टेलीस्कोप लेना तभी चाहते, 

मनपसंद तारे देखने के लिए। 


सूर्य ग्रहण, चन्द्र ग्रहण प्यारे, 

देखने के लिए रोज़ नये तारे। 


देखने हमें ब्रहमांड के नज़ारे, 

टेलीस्कोप मिली ही ना प्यारे। 


फ़िर ना देखें हमने ये सितारे, 

व्यस्त बहुत नहीं देखे ये तारे। 


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